मिशन गगनयान :- अंतरिक्ष में भारत फहराएगा परचम Mission Gaganyan

मानव युक्त अंतरिक्ष मिशन

मिशन गगनयान

चंद्रयान -3 और आदित्य एल -1 की सफलता के बाद भारत देश अब अंतरिक्ष में एक और कदम बढाकर इतिहास रचने जा रहा है |

जी हाँ
देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार दिनांक 27 फरवरी 2024 को मिशन गगन यान में शामिल होने वाले सभी अंतरिक्ष यात्रियों को दुनिया के समक्ष पेश किया जो देश के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन का हिस्सा होंगे| इस मिशन की घोषणा प्रधान मंत्री ने 2018 में की थी |

मिशन गगनयान में देश की 140 करोड़ जनता की उम्मीदों को साकार करने के लिए देश के विभिन्न भागों से 4 अंतरिक्ष यात्रियों का चयन किया गया है | गगन यान मिशन के कामयाब होने पर अमेरिका, रूस और चीन के बाद मानव युक्त अंतरिक्ष यान भेजने वाला भारत चौथा देश बन जायेगा |

प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने तिरुवनंतपुरम के पास थुम्बा में विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र में भारतीय अंतरिक्ष अनुसन्धान केंद्र (इसरो ) की तीन प्रमुख अंतरिक्ष बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद चारों अंतरिक्ष यात्रियों को एस्ट्रोनॉट विंग्स पहनाये |

मिशन गगनयान :-क्या कहा देश के प्रधानमंत्री ने इस मौके पर

प्रधानमंत्री ने कहा कि ये चार इंसान नहीं 140 करोड़ आकांक्षाओं को अंतरिक्ष में ले जाने वाली शक्तियां हैं | ये आज के भारत के शौर्य साहस और अनुशासन हैं |40  साल बाद कोई भारतीय अंतरिक्ष में जाने वाला है | इस बार टाइम भी हमारा है, काउंटडाउन भी और राकेट भी हमारा है|

कौन हैं चारों अंतरिक्ष यात्री

चारों अंतरिक्ष यात्री भारतीय वायुसेना के टेस्ट पायलट हैं |चारों हर तरह के फाइटर जेट्स उड़ा चुके हैं |

इनके नाम हैं :- ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालाकृष्णन नायर, अंगद प्रताप,  अजीत कृष्णन और विंग कमांडर सुभांशु शुक्ला 

एक परिचय मिशन गगन यान के चारों अंतरिक्ष यात्रियों का

 

 

1. ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालाकृष्णन नायर (Group Captain Prashant Balakrishanan nair):-

 mission gaganyan group captain prashant balakrishnan nair

मिशन गगनयान के पहले मेंबर केरल निवासी ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालाकृष्णन नायर (47) ने शुरुआती शिक्षा कुवैत में प्राप्त की और ग्रेजुएशन नेशनल डिफेन्स अकादमी (एन डी ए ) से किया  | 1999  में भारतीय वायुसेना में भर्ती हुए बतौर पायलट ये सुखोई फाइटर प्लेन भी उड़ा चुके हैं |

 

2. ग्रुप कैप्टन अंगद प्रताप (Group Captain Angad Pratap):-

mission gaganyan group captain angad pratap

मिशन गगनयान के दूसरे यात्री ग्रुप कैप्टन अंगद प्रताप (42)प्रयागराज के मूल निवासी हैं | नेशनल डिफेन्स अकादमी (एन डी ए ) से ग्रेजुएशन करने के बाद 18 दिसंबर 2004 को वायुसेना में शामिल हुए |ये फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर भी हैं इनको मिग-21, मिग-29, जगुआर, हॉक, डोर्नियर और एएन -32उड़ाने का अनुभव  है |

 

3. ग्रुप कैप्टन अजीत कृष्णन (Group Captain Ajit Krishan):-

group captain ajit krishnan

चेन्नई में जन्मे ग्रुप कैप्टन अजीत कृष्णन(42) नेशनल डिफेन्स अकादमी (एन डी ए ) से ग्रेजुएशन कर प्रेजिडेंट गोल्ड मैडल और सोर्ड ऑफ़ ऑनर हासिल किया |21 जून 2003 से वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में शामिल हुए| ये फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और टेस्ट पायलट भी हैं |

4. विंग कमांडर सुभांशु शुक्ला (Wing Commandor):-

wing commander subhanshu shukla मिशन गगनयान

विंग कमांडर सुभांशु शुक्ला का जन्म लखनऊ में 10 अक्टुबर 1985 को हुआ| इन्होनें नेशनल डिफेन्स अकादमी (एन डी ए ) से ग्रेजुएशन करने के बाद 18 दिसंबर2004 को वायुसेना में तैनात हुए| इन्होनें रूस के यूरी गागरिन कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर से ट्रेनिंग हासिल की |

 

सैंकड़ों में से कैसे चुने गए चारों पायलट

मिशन गगनयान में अंतरिक्ष यात्री बनने के लिए सैंकड़ों टेस्ट पायलट ने आवेदन किये थे | इनमे से वायुसेना ने 2019 में 12 पायलट का चयन किया |

मिशन गगनयान

इसके बाद इसरो ने चार पायलट का इस मिशन के लिए चयन किया |चारों को शुरुआती प्रशिक्षण के लिए रूस भेजा गया जहाँ पर इन्होनें मिशन की कामयाबी के लिए लगातार कठोर मेहनत कर प्रशिक्षण लिया अब इन्हे बेंगलुरु में एजेंसियों और सशस्त्र बलों के द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है |

कब शुरू होगा मिशन गगनयान

मिशन गगनयान अगले साल लॉन्च होगा| इसके शुरुआती चरणों को इसी साल पूरा कर लिया जायेगा| इनमें दो मानव रहित मिशन अंतरिक्ष में भेजना शामिल है| इसकी कामयाबी के बाद ही एस्ट्रॉनॉट्स को अंतरिक्ष में भेजा जायेगा| गगन यान मिशन के लिए क्रू मॉड्यूल राकेट का इस्तेमाल किया जायेगा|गगन यान मिशन के लिए क्रू मॉड्यूल राकेट का इस्तेमाल किया जायेगा |गगन यान मिशन में चालक दल के चार सदस्यों को तीन दिन के लिए पृथ्वी से 400 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष की कक्षा में भेजा जायेगा और सुरक्षित वापस लाया जायेगा |

मिशन गगनयान

क्या तैयारी की है इसरो ने

इसके लिए इसरो ने पिछले साल श्रीहरिकोटा से एक गगन यान स्पेस क्राफ्ट लॉन्च किया यह जानने के लिए कि रॉकेट में खराबी की हालत में एस्ट्रोनॉट सुरक्षित बच सकते है| गगन यान की लैंडिंग के बाद उसे रिकवर करने के लिए भारतीय नौसेना और इसरो कोच्चि व बंगाल की खाड़ी में लगातार सर्वाइवल टेस्ट कर रहे हैं |

मिशन गगनयान के लिए क्रू रिकवरी मॉडल की टेस्टिंग के दौरान उसके वजन सेंटर ऑफ़ ग्रेविटी और बाहरी संरचना की जांच उसी प्रकार की जा रही है जिस तरह लैंडिंग के समय रिकवरी की जाएगी |क्रू मॉड्यूल की रिकवरी ह्यूमन स्पेस फ्लाइट का अंतिम चरण है,इसलिए इसकी टेस्टिंग पहले की जा रही है|

उम्मीद है कि भारत देश का ये अंतरिक्ष मिशन भी कामयाब होगा जो सभी भारत वासियों के लिए एक गौरव का पल होगा|

जय हिन्द जय भारत जय इसरो 

http://happygoodsmile.com/मिशन गगनयान

 

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