एस्ट्रो टूरिस्म(Astro Turism):- ग्रहों तारों के करीब से दर्शन

अंतरिक्ष में भारत का एक और कदम

देश का पहला Astro Turism सेंटर

एस्ट्रो टूरिस्म (Astro Turism )|अब दिखेगा तारों का रंग

(Astro Turism )बंगाल में बनेगा देश का पहला एस्ट्रो टूरिज़्म सेंटर

साल 2023 में चंद्रयान 3 की सफलता के बाद भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में विश्व गुरु बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है| इसी परिप्रेक्ष्य में अंतरिक्ष को करीब से समझने के लिए पश्चिम बंगाल में देश का पहला एस्ट्रो टूरिज़्म सेंटर बन रहा है, जिसमें एक वेधशाला भी होगी| जहाँ अलग अलग आकार के टेलिस्कोप होंगे जो ग्रहों और तारों की सबसे करीबी झलक दिखाएंगे| इनके जरिये तारों का रंग भी देखा जा सकता है |

(Astro Turism)बंगाल में कहाँ बनेगा Astro Turism सेंटर

इंडियन सेंटर फॉर स्पेस फिजिक्स के डायरेक्टर प्रोफ़ेसर संदीप कुमार चक्रवर्ती ने बताया कि पश्चिम बंगाल के कोलकाता से करीब 83 किलोमीटर दूर पश्चिम मेदिनीपुर जिले के सीतापुर में 3 करोड़ रुपये की लागत से देश का पहला एस्ट्रो टूरिज़्म सेंटर बनेगा जहाँ पर वेधशाला भी होगी|

उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में रोजाना कई प्रकार की गतिविधियां होती हैं|
चाँद और सूरज प्रत्यक्ष रूप से हमारे जीवन से जुड़े हुए हैं |इनके रंगों को देखने की हम केवल कल्पना ही कर सकते हैं | खुली आँखों से हम केवल सफ़ेद रंग के कुछ तारे ही देख सकते हैं| लेकिन तारों में कई रंग होते हैं |सिर्फ 7 प्रकार के तारे टेलिस्कोप के जरिये देखे जा सकते हैं |

Astro Turism-वैज्ञानिक बताएँगे तारों का रंग कराएँगे अंतरिक्ष का दीदार

सीतापुर में पहले से ही दो बड़े टेलिस्कोप हैं जिनके नाम हैं वशिष्ठ और अरुंधती | वशिष्ठ 24 इंच का है जो पूर्वी भारत का सबसे बड़ा टेलिस्कोप है | अरुंधती का आकर 20 इंच है | यहाँ 5 इंच के कई टेलिस्कोप भी हैं |इनके जरिये चाँद, शनि वलय और बाइनरी तारे सहित सप्तऋषि मंडल देख सकेंगे | टेलिस्कोप जितना बड़ा होगा ,अंतरिक्ष उतना ही ज्यादा देखा जा सकता है |

यहाँ Astro Turism के लिए 20 टेलिस्कोप रखे जायेंगे जिससे 20 पर्यटक एक साथ अंतरिक्ष का दीदार कर सकेंगे| पर्यटकों के लिए यहाँ प्रशिक्षित वैज्ञानिक भी तैनात रहेंगे, जो पर्यटकों को ग्रहों और तारों के बारे में गहराई से जानकारी देंगे| प्रारम्भ में यहाँ दो वैज्ञानिक, 2 पी एच डी होल्डर और दो केयर टेकर रखे जायेंगे

एस्ट्रो टूरिज्म के लिए सीतापुर का चयन क्यों

प्रोफ़ेसर संदीप ने बताया कि सीतापुर से आकाश कोलकाता जैसे शहरों से अलग दिखाई देता है क्योंकि यहाँ अँधेरा ज्यादा होता है | तारों को देखने के लिए रोशनी का काम होना बहुत जरूरी होता है |शहरों में हमें आसमान में तारे नहीं दिखते क्योंकि शहरों में ट्रैफिक लाइटों , घरों बाज़ारों की रोशनी से आसमान की ब्राइटनेस बढ़ जाती है|

एस्ट्रो टूरिज्म(Astro Turism)– किसानों की दान की गयी जमीन पर बन रहा है सेंटर

एस्ट्रो टूरिज्म सेंटर दो किसानों निमाई चंद्र पात्र और राम चंद्र पात्र की जमीन पर बन रहा है |इन दोनों ने सेंटर बनाने के लिए अपनी जमीन दान कर दी| सीतापुर के अलावा पश्चिम बंगाल के कई जिलों में एस्ट्रो टूरिज्म सेंटर खोले जायेंगे| इसके लिए मालदा में जमीन का चयन भी कर लिया गया है|

क्या किया जायेगा एस्ट्रो टूरिज्म सेंटर पर -क्या रहेगी प्रक्रिया

1 दिन से 1 हफ्ते तक के कोर्स आयोजित किये जायेंगे

सीतापुर Astro Turism सेंटर में एक दिन से लेकर एक हफ्ते तक के कोर्स होंगे |पर्यटकों के लिए प्रतिदिन दोपहर एक लेक्चर आयोजित किया जायेगा |इस दौरान साइंटिस्ट उन्हें अंतरिक्ष के बारे में बताएँगे |टेलिस्कोप के जरिये उन्हें तारों के रंग भी बताये जायेंगे और ग्रहो के नजदीक से दर्शन करवाए जायेंगे |पर्यटकों को गैलेक्सी की जानकारी दी जाएगी| और वे सभी तारे भी दिखाए जायेंगे जिनके बारे में उन्होंने केवल किताबो में ही पढ़ा है|

भारत देश की यह पहल अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम होगा |

जय हिन्द जय भारत जय विज्ञान

यह भी देखें ↓

https://happygoodsmile.com/2024/02/29/मिशन-गगनयान/

अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट https://space-india.com/outreach/astro-night-sky-tourism/ पर विजिट करें|

 

 

 

 

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