मिशन गगन यान सुरक्षा-Mission Gagan spacecraft security

अंतरिक्ष यात्री पहनेंगे रूस का सुरक्षा कवच    Astronauts will wear Russian protective shield

मिशन गगनयान सुरक्षा-अंतरिक्ष में भारत को मिलेगी दुगुनी सुरक्षा(India will get double security in space)

मिशन गगनयान सुरक्षा-mission gaganyan spacecraft security

 

मिशन गगनयान सुरक्षा

भारत मंगल ग्रह तक अपना अंतरिक्ष यान और चाँद पर लैंडर और रोवर सफलता पूर्वक पहुंचा चुका है| अब भारतीय स्पेस एजेंसी इसरो इंसानों को स्पेस में भेजना चाहती है जिसके लिए भारत पहले मानव अंतरिक्ष उड़ान गगनयान की तयारी कर रहा है इस पहली मानव उड़ान के लिए चार अंतरिक्ष यात्रियों का चयन पहले ही हो गया है | इसरो इनकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी प्रकार का रिस्क नहीं लेना चाहती|
India has successfully sent its spacecraft to Mars and lander and rover to the Moon. Now the Indian Space Agency ISRO wants to send humans to space, for which India is preparing the first human space flight Gaganyan. Four astronauts have already been selected for this first human flight. ISRO is committed to their safety and don’t want to take any kind of risk.

मिशन गगनयान सुरक्षा-इसरो का डबल प्रोटेक्शन प्लान-रूस करेगा मदद-(ISRO’s double protection plan Russia will help)

 

मिशन के लिए अंतरिक्ष यात्री रूस में बना स्पेस सूट पहनेंगे

Astronauts will wear space suits made in Russia for the mission.

               भारतीय अंतरिक्ष अनुसन्धान संगठन चालक दल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रूस में बने अंतरिक्ष सूट पहनाने की प्रारंभिक योजना पर कायम है| हालाँकि भारत ने भी स्वेदेशी इन्ट्रा वेहिकल एक्टिविटी सूट पर काम किया है , जिसे विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर की ओर से विकसित किया गया था|

The Indian Space Research Organization is sticking to the initial plan of wearing Russian-made space suits keeping in mind the safety of the crew, although India has also worked on the indigenous Intra Vehicle Activity Suit, which was developed by the Vikram Sarabhai Space Centre.

अंतरिक्ष यात्रियों को मिलेगी दोहरी सुरक्षा-Astronauts will get double security

 

चालक दल की सुरक्षा को दोगुना करने और प्रोग्रामेटिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए गगन यान मिशन के लिए रूसी अंतरिक्ष सूट के इस्तेमाल को प्लान किया गया है|भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टेन प्रशांत बालाकृष्णन नायर, अजीत कृष्णन, अंगद प्रताप और विंग कमांडर सुभांशु शुक्ला को इस मिशन के लिए चुना गया है|

The use of Russian space suits has been planned for the Gaganyaan mission to double the crew protection and keeping in mind the programmatic requirements.Indian Air Force’s Group Captain Prashant Balakrishnan Nair Ajit Krishnan Angad Pratap and Wing Commander Subhanshu Shukla have been selected for this mission.

भारत और रूस की फैसिलिटी में गगन यान मिशन गगनयान के लिए ये पिछले पांच साल से ट्रेनिंग ले रहे हैं इसरो के अनुसार चारों यात्री सूट की ट्रायल के लिए पहले ही रूस जा चुके हैं|

They have been training for the last five years for the Gaganyaan mission in the facilities of India and Russia. According to ISRO, all four passengers Have already gone to Russia for trial of the suit.

कब शुरू हुआ स्पेस सूट का बनना-When did the making of space suits start

रूसी स्पेस एजेंसी रोसकॉस्मोस की सहायक कंपनी ग्लावकोस्मोस के बयान के अनुसार 3 सितम्बर 2023को भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों ने ज्वेज्दा का दौरा किया जहाँ स्पेस सूट का निर्माण करने के लिए उनका नाप लिया गया इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने पिछले महीने कहा था की 2024 गगन यान का वर्ष होगा इस मिशन में तीन दिनों के लिए इंसानों के एक दल को 400 किलोमीटर की कक्षा में लॉन्च किया जायेगा

In 3rd September 2023, Indian astronauts visited Zvezda where they were measured to make space suits, according to a statement from Glavkosmos, a subsidiary of Russian space agency Roscosmos. ISRO chief S Somnath had said last month that 2024 would be the year of the Gaganyaan. In this mission, a crew of humans will be launched into an orbit of 400 kilometers for three days.

इसरो करेगा कई टेस्ट-ISRO will do many tests

 

इंसानों को अंतरिक्ष में भेजने से पहले इसरो मिशन की 100 फीसदी सफलता के लिए कई परीक्षण और कार्यक्रम करेगा| गगन यान अंतरिक्ष उड़ान के लॉन्च से पहले इसरो का ध्यान चालक को सुरक्षित अंतरिक्ष में ले जाने के लिए एक लाइफ सपोर्ट सिस्टम समेत कई टेक्नोलॉजी के विकास पर होगा |साथ ही इन यात्रियों को सुरक्षित वापस लौटने का भी पूर्ण रूप से प्रबंध किया जायेगा|

Before sending humans into space, ISRO will conduct many tests and programs for 100 percent success of the mission. Before the launch of Gagan Yaan space flight, ISRO’s focus is on the development of many technologies including a life support system to take the crew safely into space. Also, complete arrangements will be made for the safe return of these passengers.

अधिक जानकारी के लिए इसरो की वेबसाइट https://www.isro.gov.in/ पर विजिट करें

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