Income tax for Financial Year 2023-24

Income Tax

Income Tax – ?

आयकर क्या है?

आयकर देश की सरकार द्वारा लिया जाने वाला एक कर है जो प्रत्येक व्यक्ति की कुल आय पर लिया जाता है|भारत सरकार भी प्रत्येक व्यक्ति से एक निश्चित सीमा से अधिक आय होने पर कर वसूल करती है जो आयकर के रूप में अदा किया जाता है|

आयकर कानून के उपबंध आयकर अधिनियम 1961 के अनुसार भारत देश के प्रत्येक नागरिक को एक खास सीमा से अधिक सालाना आय होने पर सरकार को आयकर अदा किया जाता है| सरकार द्वारा लिया गया आयकर देश इ विकास कार्यों में खर्च किया जाता है|

आयकर सरकार के क्षेत्राधिकार में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति और संस्था पर लागू होता है|इसके लिए प्रतिवर्ष आयकर रिटर्न दाखिल करना पड़ता है|आयकर अधिक जमा हो आने पर उसे वापस लेने का प्रावधान भी किया गया है |

वित्तीय वर्ष 2023-24 भी समाप्ति की ओर है |ऐसे में हर कोई अपनी आय और उस पर लगने वाले कर को लेकर परेशान है कि आयकर के लिए कौनसा विकल्प चुनें |सरकार ने आयकर दाखिल करने के लिए दो विकल्प की व्यवस्था की है|

पुरानी कर व्यवस्था और नई कर व्यवस्था

Income Tax- Old Regime

पुरानी कर व्यवस्था के अंतर्गत 60 वर्ष तक के व्यक्ति के लिए न्यूनतम आय पांच लाख होने पर आयकर देना होता है जबकि नई कर व्यवस्था में सात लाख न्यूनतम आय होने पर आयकर लगेगा|

पुरानी टैक्स स्लेब के अनुसार आयकर
80 वर्ष से अधिक 60 से 80 वर्ष तक 60 वर्ष तक
3,00,000 तक कोई कर नहीं 300000 तक कोई कर नहीं 250000 तक कोई कर नहीं
तीन लाख से पांच लाख तक कोई कर नहीं तीन लाख से पांच लाख तक 5 % 250001 से 500000 तक 5 %
पांच लाख एक   से दस लाख तक 20 % पांच लाख एक से दस लाख तक 20% पांच लाख एक से दस लाख तक 20%
दस लाख से ऊपर 30% दस लाख से ऊपर 30% दस लाख से ऊपर 30%

पुराने टैक्स स्लैब में पांच लाख तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं लगता है | पांच लाख से आय अधिक होने पर आपको आय का 20% कर के रूप में अदा करना होता है | लाख से आय अधिक होने पर 30% आयकर लगेगा |इसमें ढाई लाख से पांच लाख तक की आय का टैक्स 5% देय होता है |पांच लाख तक की आय में ये 5% कर की राशि आयकर की धारा 87(A) के अंतर्गत मिलती है |जो की कुल 12500 रुपये होती है |

पुराने टैक्स स्लैब में मिलने वाली छूट

स्टैण्डर्ड डिडक्शन अधिकतम रुपये 50000 तक – धारा 16(ia)
गृह किराया धारा – 10(13A)

80C,8OCCC,80CCD(1) के अंतर्गत रुपये 150000 तक
चिकित्सा बीमा प्रीमियम रुपये 25000 तक धारा – 80D
उच्च शिक्षा ऋण – 80E
धर्मार्थ संस्थाओं को दिया गया दान धारा – 80G
बचत खाते पर ब्याज रुपये 10000 तक धारा – 80TTA
राजनीतिक दलों को दान की गयी राशि धारा – 80GGC

नई टैक्स स्लेब के अनुसार आयकर
80 वर्ष से अधिक 60 से 80 वर्ष तक 60 वर्ष तक
3,00,000 तक कोई कर नहीं 300000 तक कोई कर नहीं 300000 तक कोई कर नहीं
तीन लाख से छः लाख तक 5 % तीन लाख से छः लाख तक 5 % तीन लाख से छः लाख तक 5 %
छः लाख एक   से नौ लाख तक 10 % छः लाख एक   से नौ लाख तक 10 % छः लाख एक   से नौ लाख तक 10 %
नौ लाख से बारह लाख तक 15% नौ लाख से बारह लाख तक 15% नौ लाख से बारह लाख तक 15%
बारह लाख से पंद्रह लाख तक 20% बारह लाख से पंद्रह लाख तक 20% बारह लाख से पंद्रह लाख तक 20%
पंद्रह लाख से अधिक 30% पंद्रह लाख से अधिक 30% पंद्रह लाख से अधिक 30%

Income Tax – New Regime

Income Tax – New Regime में ३ लाख तक की आय पर कोई कर देय नहीं है नई टैक्स स्लैब में हमें केवल स्टैण्डर्ड डिडक्शन अधिकतम रुपये 50000 तक – धारा 16(ia) छूट देय है| इसके अतिरिक्त सरकार की और से धारा 87(A) के अंतर्गत इसे बढाकर कुल सात लाख कर दिया है | इसके अतिरिक्त किसी भी प्रकार की छूट का प्रावधान इनकम टैक्स की नई स्लैब में नहीं किया गया है |

Income Tax – New Regime में कुल आय रुपये 750000 तक कोई भी कर नहीं लगता है|

Income Tax का कौनसा विकल्प है बेहतर 

  1. यदि आपकी सालाना कुल आय रुपये 750000 तक है और आप किसी भी प्रकार की छूट का दावा नहीं करते हैं तो Income Tax – New Regime आपके लिए बेहतर होगी |
  2. यदि आपकी सालाना कुल आय रुपये 750000 तक है और आप किसी भी 150000 तक की छूट का दावा  करते हैं तो भी  Income Tax – New Regime आपके लिए बेहतर होगी |जिसमें किसी भी प्रकार का टैक्स देय नहीं होगा |
  3. यदि आपकी सालाना कुल आय रुपये 750000 तक है और आप किसी भी 250000 तक की छूट का दावा  करते हैं तो  Income Tax New Regime और Income Tax- Old Regime दोनों आपके लिए समान होगी |दोनों में से किसी में भी टैक्स देय नहीं होगा |
  4. यदि आपकी सालाना कुल आय रुपये 10,00,000 तक है और आप किसी भी 1,50,000 तक की छूट का दावा Old Regime में करते हैं तो Income Tax – New Regime आपके लिए बेहतर होगी और जिसमें आपको टैक्स में 22500 रुपये का लाभ होगा |
  5. यदि आपकी सालाना कुल आय रुपये 10,00,000 तक है और आप किसी भी 2,50,000 रुपये तक की छूट का दावा  करते हैं तो  Income Tax New Regime और Income Tax- Old Regime दोनों आपके लिए समान होगी |दोनों में समान 52,500 रुपये टैक्स देय होगा |
  6. यदि आपकी सालाना कुल आय रुपये 10,00,000 तक है और आप  3,00,000 रुपये तक की छूट का दावा  करते हैं तो  Income Tax- Old Regime आपके लिए बेहतर होगी | जिसमें आपको टैक्स में 10,000 रुपये का लाभ होगा |
  7. सालाना कुल आय रुपये 12,00,000 तक होने पर और 1,50,000 रुपये तक की छूट का दावा करने पर  Income Tax – New Regime आपके लिए बेहतर विकल्प होगा |
  8. यदि आपकी सालाना कुल आय रुपये 12,00,000 तक है और आप किसी भी 2,50,000 रुपये तक की छूट का दावा Old Regime में करते हैं तो Income Tax – New Regime आपके लिए बेहतर होगी |जिसमें आपको टैक्स में 20,000 रुपये का लाभ होगा |
  9. यदि आपकी सालाना कुल आय रुपये 12,00,000 तक है और आप किसी भी 3,00,000 रुपये तक की छूट का दावा Old Regime में करते हैं  तो  Income Tax New Regime और Income Tax- Old Regime दोनों आपके लिए समान होगी |दोनों में समान 82,500 रुपये टैक्स देय होगा |
  10. यदि आपकी सालाना कुल आय रुपये 15,00,000 तक है और आप किसी भी 3,00,000 रुपये तक की छूट का दावा Old Regime में करते हैं  तो  Income Tax New Regime  आपके लिए बेहतर विकल्प होगा |जिसमें आपको टैक्स में 7,000 रुपये का लाभ होगा |     

उपरोक्त किसी भी गणना में स्टैण्डर्ड डिडक्शन की 50000 रुपये की छूट को अलग से जोड़ा गया है |

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